Survival Can’t Be Imagined Without Water

प्रकृति के द्वारा मानवता के लिए जल एक अनमोल उपहार है। जल की वजह से ही धरती पर जीवन संभव है। जल जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है। जल ही जीवन है। जल है, तो कल है।

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जिस प्रकार हम हवा और भोजन के बिना जीवित नहीं रह सकते। उसी प्रका हम जल के बिना भी जीवित नहीं रह सकते भविष्य में जल की कमी की समस्या को सुलझाने के लिए जल संरक्षण ही जल बचाना है। धरती पर मौजूद पूरे जल का 3% ही उपयोग लायक है, जिसमें 2% बर्फ की परत और ग्लेशियर के रूप में है और 1% जल ही पीने लायक पानी के रूप में उपलब्ध है।

21वीं सदी के पहले दशक में देखा जाए तो देश में बहुत प्राकृतिक आपदाएं आई थी। जैसे कभी बाढ़, तो कभी भूकंप और कभी जल संकट से पूरी दुनिया को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पर्यावरण के साथ होने वाले खिलवाड़ का यही परिणाम है कि आज पूरी दुनिया के लिए पर्याप्त स्वच्छ जल के संकट से पूरा विश्व गुजर रहा है। विकसित और विकासशील देश जल की कमी को दूर करने के लिए हर तरह के उपायों पर विचार कर रहा है।

1. अब हम जल का उपयोग किस तरह कर रहे हैं।

2. भविष्य में कैसे करना है।

3 जल संरक्षण हेतु क्या-क्या कदम उठाने चाहिए।

हमें इन बातों पर विचार करना चाहिए। हमारा एक छोटा सा प्रयास जल संरक्षण अभियान की ओर एक सकारात्मक परिणाम दे सकता है। जैसे की बूंद-बूंद करके तलाब, नदी और सागर बन सकता है।

जल संरक्षण

स्वच्छ और पेयजल का व्यर्थ बहाव ना करते हुए उसको सुनिश्चित तरीके से उपयोग में लाकर जल के बचाव की ओर किए गए कार्यों को जल संरक्षण कहते हैं।

जल संरक्षण दिवस कब मनाया जाता हैं ?

संपूर्ण विश्व में 22 मार्च को जल दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना हैं। लोगों को समझाना है कि हमें किस प्रकार जल का उपयोग करना चाहिए और किस तरह हम जल का संरक्षण कर सकते हैं।

जल संरक्षण की आवश्यकता:

1. आजकल शहरों में पेयजल बाजारों में बिकता है। जिसका कारण है, पेयजल की कमी। अगर ऐसे ही चलता रहा तो वो वक्त ज्यादा दूर नहीं जब जमीन से पानी निकालना मुश्किल हो जाएगा।

2. पेयजल की कमी होने से लोग इसका उपयोग कम से कम करेंगे। शुद्ध जल ना होने के कारण लोगों को कई तरह की बीमारियां होनी शुरू हो जाएंगी।

3. धरती के अंदर जल का स्तर कम होने से धरती बंजर होने लगेगी और धीरे-धीरे करके चटकना शुरू कर देगी। जो भूकंप जैसे हालातों को बढ़ावा देती है।

जल का महत्व:

फसलों के उत्पादन और कृषि के लिए जल का इस्तेमाल किया जाता है। जल से पुन: बिजली तैयार की जाती है। जो मनुष्य के लिए काफी उपयोगी है।

जल का उपयोग सिर्फ पीने के लिए ही नहीं बल्कि कपड़े धोने के लिए, घरों की सफाई, बर्तन धोने के लिए, खाना पकाने के लिए भी किया जाता है।

वर्षा के रूप में जल का बहुत बड़ा महत्व है। वर्षा होने पर सभी पेड़-पौधे हरे हो जाते हैं और उन्हें नया जीवन दान मिलता है।

जल संरक्षण के उपाय:

1. फैक्ट्री और कारखानों से निकलने वाले गंदे पानी को एक सुनिश्चित जगह पर निर्धारित किया जाना चाहिए, जिससे साफ पानी गंदा न हो।

2. समरसेबल पम्पो से निकलने वाला पानी को हम सब जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, जो गलत है। हमें उतना ही पानी इस्तेमाल करना चाहिए जितना हमें जरूरत है।

वर्षा जल संग्रहण

वर्षा जल संग्रहण एक ऐसी तकनीक है, जिसमें वर्षा के जल का संग्रहण किया जाता है। वर्षा के जल को पाइपों, नालियों आदि के द्वारा पक्के टैंकों में संग्रहित कर लिया जाता है। यह प्रणाली भूजल स्तर को बढ़ाने में उपयोगी है। इसके साथ ही इस जल का उपयोग विभिन्न दैनिक गतिविधियों में किया जा सकता है। अपेक्षाकृत कम वर्षा वाले क्षेत्रों के अलावा यह तकनीक अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में भी उपयोगी है।

वर्षा जल संग्रहण के लाभ:

सूखे के समय जल आपूर्ति में विशेष लाभकारी सिद्ध हो सकता है।

वर्षा के दिनों में सड़कों पर पानी भर जाने से रोका जा सकता है।

वर्षा जल संग्रहण की विधियां

भूमिगत अथवा सतही टैंकों में भंडारण।

छोटी नदियों पर अवरोध बांध इत्यादि बनाकर जल संग्रहण।

वर्षा के जल को पाइपों द्वारा भू-जल में मिलाकर संग्रहण।

ध्यान रखने योग्य बातें

1. छत पर लगी टंकियों से पानी गिर कर बर्बाद होना एक आम बात है। हमें इसे रोकना होगा और इसके लिए सबसे सरल उपाय है कि आप अपनी टंकी को में water overflow alarm छोड़ दे।

2.जब आप RO water का इस्तेमाल करते हैं, तो ध्यान रखिए कि इसे फिल्टर करने के process में 3 गिलास पानी waste किया जाता है। इसलिए जब भी आप गिलास में RO water ले, तो पूरा भर के लेने की बजाए उतना ही ले जितना पीना है।

3 हर नागरिक को शावर की जगह बाल्टी में पानी भरकर स्नान करना चाहिए।

4 शेविंग, ब्रश करते समय नल बंद रखे। बर्तन धोते समय नल के स्थान पर टब का प्रयोग करें।

प्रेरणास्त्रोत:

अब आप यह भी जानना चाहोगे कि जल का संरक्षण करने की प्रेरणा हमें कहां और किससे मिली। आपको बता दें इनके प्रेरणास्रोत डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इंसा है, जिनकी पावन प्रेरणा से डेरा सच्चा सौदा के लाखों अनुयाई आज जल का संरक्षण कर रहे हैं। जिस से आने वाली भावी पीढ़ी को जल मिल सके। उनका कहना है कि बूंद बूंद से सागर भरता है, इसलिए जितना हो सके जल का सदुपयोग करना चाहिए।

निष्कर्ष:

जल का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व है। इसे जितना हो सके हमें बचाना चाहिए। बिना वजह जल को बर्बाद नहीं करना चाहिए। हमें स्वय ही जल के महत्व को समझ कर अपने घर से इस मुहिम की शुरुआत करनी होगी जिसे हम जल को बचा सकेंगे साथ ही अपने बच्चों और आसपास के लोगो को भी जल के महत्व को समझाना होगा। हमारे द्वारा उठाया गया नेक कदम आने वाली पीढ़ियों के लिए जल एक उपहार होगा।

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