भविष्य को उज्जवल बनाए रखने के लिए बहुमूल्य साधन: जल व ऊर्जा को बचाएं

जल और बिजली दोनों हमारे आवश्यक प्राकृतिक संसाधनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दोनों का ही हमार जीवन में विशेष महत्व हैं। जब भी उर्जा की कटौती व पानी की कमी होती है। तो हमारे सारे कामकाज एक अंधकार में बदल जाते हैं। यह दोनों ना केवल आरामदायक जीवन के लिए, बल्कि हमारे अस्तित्व के लिए भी महत्वपूर्ण बिंदु है। खाना पकाने, प्यास बुझाने के लिए पानी पीने, स्नान करने आदि जैसी नियमित गतिविधियों के लिए पानी और ऊर्जा दोनों की ही आवश्यकता होती है। इसलिए जल और बिजली दोनों संसाधनों का संरक्षण करना हमारे लिए आवश्यक हैं। यह दोनों ऐसे संसाधन है, जो 1 सपन्न जीवन जीने के लिए अति आवश्यक हैं।

अब उस स्थिति की कल्पना करें, जब इन दोनों संसाधनों की उपलब्धता यानी पानी और बिजली की कमी हो तो इसके कारण युद्ध हो सकता है। यह भी माना जाता है कि अगला विश्व युद्ध पानी के कारण हो सकता है। इसलिए हमें पानी और अन्य संसाधनों के संरक्षण के बारे में जागरूक होना चहिए व इसके लिए विचार विमर्श करने की आवश्यकता है। क्योंकि ऊर्जा और पानी को बचाना ना केवल आने वाले समय के लिए बल्कि हमारे आज को भी बेहतर बनाने के लिए आवश्यक है।

जल और ऊर्जा का संरक्षण क्यों आवश्यक हैं?

जल और बिजली दोनों ही हमारे ग्रह पर सीमित मात्रा में हैं। कम होता भूजल स्तर, बढ़ता तापमान और अत्यधिक मौसम परिवर्तन पूरे विश्व को प्रभावित कर रहे हैं।

इसके अलावा ग्रह पर पूरे पानी का लगभग 3.5 प्रतिशत ताजा पानी है और केवल 1 प्रतिशत ही हमारे लिए सुलभ है। इसी तरह से कोयला और प्राकृतिक गैस के भंडार में इन संसाधनों की एक निश्चित मात्रा ही पाई जाती हैं। इसलिए जल व ऊर्जा का संरक्षण करना हमारा अहम कर्त्वय है।

कुछ ऐसी समस्याएं जो प्राकृतिक संसाधनों के दोहन का कारण बनती है-

1. बढ़ती जनसंख्या-

दुनिया की आबादी में जिस प्रकार लगातार व्रद्धि हो रही है। इस तरह से दोनों संसाधनों की मांग बहुत अधिक बढ़ रही है। पानी व ऊर्जा का अंधाधुंध इस्तेमाल होने से इसमें भारी कमी आ रही है। बिजली और पानी बचाने के लिए हमसे जो कुछ भी हो सकता है, उसे करने से पहले इनकी कमी की समस्या को महसूस करना होगा। इसके साथ ही हमें यह जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है ताकि अधिक से अधिक लोग इनके संरक्षण की दिशा में उचित कदम उठाएं।

2. पेड़-पौधों की अंधाधुंध कटाई-

पेड़-पौधों की अंधाधुंध कटाई होने के कारण भूजल स्तर दिन-प्रतिदिन कम होता जा रहा है। पेड़ पानी की सतह को रोकते है। जो वर्षा लाने में मदद करते है और हर तरह के प्रदूषण को कम करते है। इसलिए जल व ऊर्जा के संरक्षण के लिए हमें पेड़-पौधों की कटाई करने की बजाए अधिक से अधिक पेड़ लगाने चाहिए।

3. बढ़ता औद्योगिकरण-

आज के समय में औद्योगिकरण यानी कारखाने, factories प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, जिसके कारण जल व बिजली का अंधाधुंध प्रयोग हो रहा है व जल प्रदूषण हो रहा है। आपको बता दें, शराब की फैक्टरी में शराब बनाने के लिए अंधाधुंध पानी का इस्तेमाल होता है। जिस से पानी की बर्बादी होती है व जो इसका सेवन करता है उस इंसान के शरीर को नुकसान होता है। इसलिए जल व ऊर्जा के संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना अति आवश्यक है।

The organization that play an important role in water and energy conservation-

भारत में वैसे तो बहुत सी ऐसी संस्थाएं है, जो जल और बिजली के संरक्षण में अपनी-अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती हैं। उन्हीं में से एक हर नेक कार्य के प्रति जागरूक, हमेशा समाज का भला सोचने वाली संस्था है सिरसा जिले में स्थित- डेरा सच्चा सौदा।

जी हाँ, आप सभी ने इस संस्था द्वारा चलाए गए कार्यो को भी सुना होगा और करते हुए देखा भी होगा। यह संस्था देश की भलाई के लिए हर कदम पर खड़ी होकर सामने आती है। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों में जो मानवता भलाई के कार्य करने का जज्बा है वो शायद ही आपने कहीं देखा हो।

पूज्य गुरु जी की पावन प्रेरणा से जल और ऊर्जा का संरक्षण करने के लिए समय-समय पर इन अनुयायियों द्वारा रैलियां भी निकाली जाती हैं। इसके साथ ही ये सब जल व ऊर्जा को बर्बाद न होने के लिए हर तरह के अपने अपने प्रयत्न करते हैं, जो आज हम आपके साथ सांझा कर रहे है।

Some quality tips to conserve water in day to day life-

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा सत्संगों के माध्यम से करोड़ों लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक किया गया। पूज्य गुरु जी ने लोगों को जल व ऊर्जा के महत्तव को बताया व उसे बचाने के विभिन्न सुझाव दिए हैं। जो इस प्रकार है-

1. Reuse the water after Bath-

आमतौर पर हम स्नान करते समय बहुत सारा पानी बर्बाद करते हैं। इस समस्या का हल पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सा ने बताया की हम इस पानी को पुनः इस्तेमाल कर सकते हैं, जो बहुत ही फायदेमंद है।

1. जहाँ पर नहाने का पानी बहता है, वहां पर एक छोटा सा गड्ढा बनाए।

2. इस गड्ढे को कुछ ठोस पत्थरों से भरे, फिर उसके भीतर बजरी की एक परत बनाए और आखिर में रेत की एक परत फैला दें।

3. आखिर में इसके अंदर पानी को इकट्ठा करने के लिए एक जगह तैयार की जाती है।

4. बाथरूम में जल निकासी के लिए फिल्टर का उपयोग करें ताकि जब यह वहां से गुजरता है तो पानी फिल्टर हो जाए।

5. इस फिल्टर पानी का इस्तेमाल रसोई के बगीचे में सब्जियों को पानी देने के लिए किया जा सकता है।

2. Use a glass to brush teeth-

आमतौर पर जब हम अपने दांतों को ब्रश करते हैं, तो हम में से बहुत से लोग नल को खुला रखते हैं। अंततः हम कुछ ही सेकंड में बहुत सारा पानी बर्बाद कर देते हैं। ऐसा करने से कई लीटर पानी की बर्बादी हो जाती है। पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने लोगों को जागरूक करते हुए फरमाया कि हमें नल से सीधे पानी का उपयोग करने की बजाय एक गिलास का उपयोग करना चाहिए ताकि पानी को बर्बाद होने से बचाया जा सके।

3. Rain water harvesting: A feasible approach to farmers-

वर्षा का पानी खेती के लिए एक वरदान साबित हो सकता है। जो सूखा पड़ने पर किसानों की मदद कर सकता है। लेकिन भविष्य में उपयोग के लिए इस पानी का संरक्षण कैसे कर सकते हैं, यह प्रक्रिया पूज्य गुरु जी ने करोड़ों लोगों को बताई। जो इस प्रकार है-

- खेत में या खाली जगह में किसान एक तालाब खोदे/बनाएं।

- इस पर फैलाने के लिए एक मोटी पाॅलिथिन का इस्तेमाल करें।

- अब इसे मिट्टी की परत से ढक दें।

- ऐसे कम खर्च में तैयार की गई डिग्गी में हम पानी को एक जगह इकट्ठा कर सकते हैं, जिसका उपयोग किसान खेती के लिए कर सकते हैं।

4. Use drip system for irrigation-

पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते है कि सब्जियों के लिए ड्रिप सिस्टम काफी उपयोगी है। इस से पानी की कम से कम मात्रा का उपयोग करके आप खेतों में अधिकतम उत्पादन लेने में सक्षम हो सकते हैं। इसके लिए आप किसी जगह पर बारिश का पानी इकट्ठा कर सकते हैं और इससे ड्रिप सिस्टम तैयार किया जा सकता है। पूज्य गुरु जी की यह तकनीक निश्चित रूप से आपको पानी बचाने के साथ-साथ अधिकतम उत्पादन में भी मदद करेगी।

5. हाथ धोते समय कम से कम पानी का उपयोग करें।

6. शेविंग या बर्तन धोते समय जब पानी का काम न हो, तब नल बंद कर दें।

7. नहाते समय शॉवर की जगह बाल्टी का इस्तेमाल करें।

8. सब्जियों को धोने के लिए नल के पानी को चलाने से बचें, इसके अलावा 1 कटोरी का उपयोग कर सब्जी को उसी में धो लें।

Let’s pledge to plant more trees to maintain the ground level-

पेड़ भूजल स्तर को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही कार्बन डाइआॅक्साइड को अवशोषित करते है। इसलिए हम सभी को यह प्रण लेना चाहिए कि साल में 12 पौधे अवश्य लगाएं व उनकी बच्चों की तरह देखभाल करें। पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा से डेरा सच्चा सौदा के लाखों अनुयायी प्रत्येक वर्ष लाखों पौधे लगाते हैं व जल संरक्षण कर पृथ्वी को बचाने में अपना योगदान देते हैं।

Millions of people have pledged to reduce water wastage-

पूज्य गुरु जी की पावन प्रेरणा से डेरा सच्चा सौदा के लाखों अनुयायी जल को बर्बाद ना करने व इसको बचाकर जल संरक्षण करने का प्रण ले चुके हैं।

“आइए ऊर्जा बचाने में योगदान दें और सभी के भविष्य को उज्ज्वल बनाएं”

Some tips to Save Energy-

1. Don’t Waste The Electricity-

- लाइट का उपयोग न होने पर स्विच बंद कर दें।

- जब भी सम्भव हो AC की जगह कूलर का इस्तेमाल करें।

2. Use Less Power Bulbs-

- ऊर्जा बचत बल्ब का उपयोग करें।

- कम बिजली वाली LED लाइट का उपयोग करें।

3. Important For All Young Generation-

हम अक्सर चार्जर को प्लग में ही लगा छोड़कर फ़ोन निकाल लेते है। फोन पूरी तरह चार्ज हो जाने के बाद चार्जर बन्द कर के प्लग से बाहर निकालें।

Adopt Natural resources of energy-

  • Biogas Plant In Dera Sacha Sauda -

बायोगैस ऊर्जा उत्पन्न करने का एक अच्छा स्त्रोत है। शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में बायोगैस प्लांट की स्थापना करना से प्रदूषण कम होता है। यह पशुओं के वेस्ट को गैस व बिजली में परिवर्तित करता है। पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की देख-रेख में डेरा सच्चा सौदा में बायोगैस प्लांट लगाया गया है। जिसके द्वारा बायोगैस बनाई जाती है। इसके ज़रिये बिजली व खाने के साथ साथ और भी अनेक कार्यों में मदद ली जाती हैं।

  • Solar Panel Installation at Dera Sacha Sauda-

हमें सौर ऊर्जा का उपयोग करना चाहिए, क्योंकि यह ऊर्जा और पानी बचाने में मदद करता हैं। यह कार्बन डाई ऑक्साइड की व्रद्धि को कम करने के अलावा समग्रता ऊर्जा की लागत को कई टन तक कम करता है। पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पावन दिशा-निर्देशन में Dera Sacha Sauda में ऊर्जा बचाने और साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए सोलर पैनल लगाए गए हैं। जिस से ऊर्जा की बचत की जाती है।

Conclusion-

अगर सभी चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ियों का विकास हो, तो यह अति महत्वपूर्ण है कि हमें बताए गए सभी सुझावों का पालन करना चाहिए व पानी और ऊर्जा की बचत करने में अपना योगदान देना चाहिए।

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