जनवरी का पवित्र अवतार माह आ रहा है

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आप सभी जानते है की हर रोज सूरज उगता है और ढल जाता है। इसी नियम में वर्ष के 365 दिन कब हमारे पास से हकर निकल जाते है, हमें पता भी नहीं चलता और ना कभी हमने किसी दिन सूरज के उगने का इंतजार किया और ना ही इस बात से हमें कोई वास्ता रखा। परंतु जैसे ही वर्ष के कुछ शेष दिन रह जाते हैं, तो हमें जनवरी के सूरज उगने की एक कसक सी लग जाती है। जमाने भर में उत्सव का माहौल हो जाता है। पूरा विश्व एक सरूर, एक जुनून में खोया-खोया लगता है। महफिल जमने लगती है, खुशियां जैसे आसमान से उतरने लगती है। यह नजारा जनवरी के लिए ही देखा जाता है। इसका सबब जब रूहानी हो जाता है तो इसकी मस्ती, इसकी ताजगी, इसका सुरूर ला-ब्यां हो जाता है। जब यह खुशी रुह से मनाई जाती है, उस खुशी का पैमाना बेइंतहा हो जाता है और रुतबा फर्श से अर्श भला हो जाता है। दुनियावी लोग जहां अपनी खुशियों को केवल नए वर्ष के स्वागत तक सीमित रखते है, वहीं डेरा सच्चा सौदा व इसके करोड़ों अनुयायियों के लिए जनवरी या Happy New Year की खुशियां रूहानी मकसद से भरपूर होती है।

जनवरी का महीना, खुशियों की सौगात-

डेरा सच्चा सौदा एक ऐसी संस्था है, जो विश्व भर में प्रसिद्ध है। इस संस्था के लिए जनवरी माह खुशियों की सौगात लाता है। क्योंकि इस माह को डेरा सच्चा सौदा के दूसरे आध्यात्मिक गुरु परम पिता शाह सतनाम जी महाराज के अवतार माह के रुप में मनाया जाता है। करोड़ों लोग लोग परम पिता जी की पवित्रता के प्रति अपने आप को कृतज्ञ महसूस करते हैं, जो आत्माओं को जन्म और मृत्यु के चक्र से मुक्त करने के लिए अवतरित हुए थे। इस पूरे महीने भक्तों में खुशी की लहर होती है।

करोड़ों लोगों के मसीहा परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज का जीवन परिचय-

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आपको बता दे, डेरा सच्चा सौदा के दूसरे आध्यात्मिक गुरु परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज का जन्म 25 जनवरी, 1919 को हरियाणा के श्री जलालआणा साहेब गाँव में हुआ था। परम पिता जी के पूजनीय पिता का पवित्र नाम सरदार वरियाम सिंह जी व पूजनीय माता जी का पवित्र नाम आस कौर जी था। परम पिता जी पूजनीय माता-पिता जी की एकमात्र संतान थे। बचपन से ही, शाह सतनाम जी महाराज भगवान के साथ प्यार व भक्ति की भावना रखते थे। परम पिता जी मानव जाति के प्रति बहुत ही दयालुता और सहानुभूति रखते थे। ऐसी हजारों घटनाएँ थीं, जो उनकी पवित्रता की दिव्य शक्तियों की गवाह बनती थी।

Getting the method of meditation-

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परम पिता शाह सतनाम सिंह जी को एक आदर्श आध्यात्मिक गुरु खोजने की महत्वाकांक्षा जागृत हुई। परम पिता जी की मुलाकात आखिर में डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक शाह मस्ताना जी महाराज से हुई। तब परम पिता जी ने शाह मस्ताना जी महाराज से नाम की अनमोल दात 14 मार्च 1954 को घुइयाँवाली गाँव में प्राप्त की व कठिन परिक्षा के 28 फरवरी 1960 का वह शुभ दिन आया जब शाह मस्ताना जी महाराज ने शाह सतनाम सिंह जी महाराज को डेरा सच्चा सौदा का दूसरा उत्तराधिकारी घोषित किया और दोनों लोकों की बादशाहत प्रदान की। शाह मस्ताना जी ने अपनी शक्तिशाली दिव्य आवाज़ में यह वचन फरमाए कि किसी भी व्यक्ति की आत्मा जो ‘सतनाम’ का उच्चारण करती है या जो भी (शाह सतनाम सिंह जी का) के पवित्र दर्शन कर लेगा, वह कभी नर्कों में नहीं जाएगा। शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने कई राज्यों की यात्रा की, पवित्र सत्संगों के माध्यम से दिव्य संदेश दिए और लाखों लोगों को राम-नाम के लिए जागरुक किया।

पवित्र वचनों से सभी संदेहों को दूर किया-

23 सितंबर 1990 को परम पिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज ने संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को डेरा सच्चा सौदा का उत्तराधिकारी घोषित कर रूहानियत का बादशाह बनाया। परम पिता शाह सतनाम जी महाराज ने वचन फरमाए- “हम थे, हम है, हम ही रहेंगे”! इन पवित्र वचनों ने सभी शंकाओं को दूर कर दिया कि ईश्वरीय शक्ति शरीर के बदलने पर भी समान होती है। इन पवित्र वचनों ने भक्तों को असीम विश्वास और विश्वास दिया।

Volunteers of Dera Sacha Sauda give unique gifts to their Spiritual Master-

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इस संसार में कोई भी अपने गुरु का ऋण नहीं उतार सकता है।सच्चा व आध्यात्मिक गुरु अपने शिष्यों को जीवन में अच्छे-बुरे का ज्ञान करवाता है और उन्हें जीवन के हर कदम पर मार्गदर्शन देता है। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां लाखों अनुयायियों को फरमाते है कि गुरु ऋण का कैसे अदा किया जा सकता है। पूज्य गुरु जी फरमाते है कि सभी को हर त्यौहार पर अपनी एक बुरी आदत छोड़नी चाहिए। पूज्य गुरु जी की पावन प्रेरणा से डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी पूरे अवतार माह को मानवता भलाई के कार्य करते हुए व हर दिन अपनी एक बुराई छोड़ते हुए मनाते है। ऐसा करके यह अनुयायी अपने त्यौहार को खुशी से मनाते है। पूज्य गुरु जी फरमाते है कि सही मायनो में यह सबसे अच्छा उपहार है।

How do devotees celebrate the birth month?

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डेरा सच्चा सौदा के लाखों अनुयायी पूरे जनवरी महीने को अपने पूरे जुनून और समर्पण के साथ मनाते हैं। अधिक से अधिक भक्ति के साथ अपने समाज और समुदाय की सेवा करते हैं।संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के आशीर्वाद और पावन शिक्षाओं के कारण ही ऐसा संभव है। जो आज की स्वार्थी और भौतिकवाद वाली दुनिया में यह अनुयायी दूसरों की मदद करने के बारे में सोचते हैं।इसलिए जनवरी 2021 माह को डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी रक्त दान करके, भूखों को खाना खिला कर, बेघरों को आश्रय प्रदान कर, पेड़ लगा कर, गरीबों को कपड़े और खिलौने दान करके आदि 134 मानवता भलाई के कार्य करते हुए मनाने वाले है। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी हर उत्सव को परहित करते हुए मनाते है और यह त्यौहार मनाने का सबसे अच्छा तरीका है। किसी बेसहारा व बेजुबान के चेहरे पर मुस्कान लाने से आपको आंतरिक आनंद आता है।

Conclusion-

इस तरह डेरा सच्चा सौदा के लाखों अनुयायी हर त्यौहार को मानवता भलाई के कार्य करते हुए मनाते है और अपने पाक पवित्र गुरु जी का धन्यावाद करते है। आखिर में आप सभी को नव वर्ष व शाह सतनाम सिंह जी महाराज के जन्म माह की अरबों-खरबों बार बधाई हो जी!!

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