इंसानियत के सच्चे योद्धा - किसी भी कीमत पर करेंगे मानवता की रक्षा

आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों को अपने लिए ही समय निकालना मुश्किल है। ऐसे में अजनबी लोगों की परवाह कोई नहीं करता। इस स्वार्थी युग में हर कोई अपने स्वार्थ के साथ जी रहा है। किसी के सुख-दुःख से किसी को कोई मतलब नहीं है। इस संसार से इंसानियत दिन-प्रतिदिन मरती जा रही हैं। इस मतलबी दौर में ताज अच्छाई को नहीं बल्कि बुराई को मिलता है।

धर्मो में भी लिखा है जैसे-जैसे कलयुग आएगा इंसान मतलबी होता जाएगा। जरूरत के समय लोग आपके पैर पकड़ते है, लेकिन अगर जरूरत नहीं तो लोग आपको पहचानने से भी इंकार कर देते हैं।

वह संस्था जिसने केवल 1 या 2 नहीं, बल्कि 134 मानवता भलाई के कार्य चलाए:

आपके बता दें सिरसा जिले में एक ऐसी महान संस्था है, जो एक नहीं, दो नहीं बल्कि 134 मानवता भलाई के कार्य करती है। जिसकी शिक्षा से आज करोड़ो लोगों द्वारा मरती इंसानियत जिंदा होती नज़र आ रही है। लोग एक दूसरे के सुख-दुःख के साथी बनने

लगे हैं। इस संस्था का एकमात्र उद्देश्य परहित परमार्थ करना व मानवता की सेवा करना है। जैसा कि आपको ऊपर बताया इस संस्था द्वारा 134 मानवता भलाई के कार्य चलाए गए हैं। तो आइए हम इनमें से कुछ कार्यों से आपको अवगत कराते हैं।

Blood Donation (रक्तदान)

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रक्तदान महादान है। रक्तदान से किसी की अनमोल जिंदगी को बचाया जा सकता हैं। समय-समय पर किये गए रक्तदान से विभिन्न बीमारियों से बचा जा सकता है। रक्तदान आपके लिए चंद मिनटों का हो सकता है लेकिन यह किसी अनमोल जान को बचा सकता है। किसी की जिंदगी को बचाने के लिए आपके पास मेडिकल डिग्री होना जरूरी नहीं है। बल्कि आपके पास सिर्फ मानवता की डिग्री होनी चाहिए। हम सब जानते हैं कि रक्त का कोई और स्त्रोत नही हैं। हम लाखों करोड़ों रुपए खर्च करके भी एक बूंद रक्त नहीं बना सकते। इसलिए रक्त की जरूरत पड़ने पर रक्तदान करना ही एक ऐसा जरिया है, जिससे खून की कमी को पूरा किया जा सकता है और कई अनमोल जानों को बचाया जा सकता है। इस संस्था द्वारा समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है जिसमें देश के कोने-कोने से आए लोग इसमें रक्तदान करते हैं और लाखों ज़िन्दगीयों को बचाने में अपना योगदान देते हैं। इस संस्था के प्रमुख ने रक्तदान करने वाले लाखों लोगों को True Blood Pump के खिताब से नवाजा है।

Food Donation (राशनदान)-

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इस संसार में कोई भूखे पेट ना सोए इस उद्देश्य से राशनदान मुहिम की शुरुआत की गई। दुनिया भर में लगभग 69 करोड़ आबादी भुखमरी का शिकार है। भूखे को खाना देना ही सच्ची इंसानियत और धर्म है। हमें भुखमरी को मिटाने के लिए सप्ताह में 1 दिन उपवास रखना चाहिए ताकि जरूरतमंद लोगों को खाना मिल सके। साथ ही ये उपवास आपको Healthy रहने में भी मदद करता है।

Eye donation (नेत्रदान)

नेत्रदान महादान है। नेत्रदान करने पर आप मरने के बाद भी इंसानियत के काम आ सकते हैं। नेत्रदान कर किसी की अंधेरी जिंदगी को रोशनी से भर सकते हैं। इस संस्था द्वारा हजारों लोगों द्वारा मरणोपरांत आंखें दान कर विभिन्न लोगों को रोशनी दी जा चुकी हैं।

Body Donation (शरीरदान)

शरीर दान महादान है। मरने के बाद तो शरीर को खाक (मिट्टी) में ही मिल जाना मिल जाना है, तो क्यों न मरणोपरांत शरीर दान करके मानवता की सेवा करें। मरणोपरांत शरीर दान से वैज्ञानिकों की टीमें शरीर के संबंध में और अधिक गहराई से समझ सके। पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षा से इस संस्था के लाखों लोग मरणोपरांत शरीर दान करने का प्रण ले चुके हैं और चिकित्सा अनुसंधान की मदद करने में अपना सहयोग दे रहे हैं।

Cloth Bank

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कोई ठंड से ना मरे या किसी को सर्दी के मौसम में कपड़ों की कमी ना हो इसके लिए इस संस्था द्वारा विभिन्न राज्यों में Cloth Bank बनाए गए हैं। जिसके द्वारा जरूरतमंद व गरीब लोगों को समय-समय पर कपड़े वितरित किए जाते हैं।

Mother Child Guardians (जननी सत्कार)

हमारे भारत देश में प्रत्येक वर्ष लाखों महिलाओं को कुपोषण का शिकार होना पड़ता है व कुपोषण की कमी से अपनी जान गवानी पड़ती है। ऐसे सकंट से बचने के लिए इस संस्था द्वारा जननी सत्कार मुहिम चलाई गई है। जिसके तहत गरीब व जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर राशन व उनकी जरुरत का समान वितरित किया जाता है।

Aashiyana (आशियाना)

बेघरों के सपनों को साकार करने के लिए इस संस्था द्वारा आशियाना मुहिम की शुरुआत की गई। इस मुहिम के तहत इस संस्था के करोड़ो अनुयायी निःस्वार्थ भाव से जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त में घर बनाकर देते हैं ताकि उन्हें सुरक्षित रहने के लिए एक छत मिल सके। वह भी अपनी जिंदगी सुख शांति से बिता सकें। जरूरतमंदों की सहायता करना ही सच्ची इंसानियत है, इससे हम भगवान की कृपा दृष्टि के काबिल बन सकते हैं।

अब तक इस संस्था द्वारा हजारों जरूरतमंद लोगों को घर बनाकर दिए जा चुके हैं।

Birds Nurturing (पक्षियों के भोजन की व्यवस्था करना)

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आजकल की भागदौड़ वाली जिंदगी में किसी के पास इतना समय ही नहीं कि हम ईश्वर की दी हुई नियामत पक्षियों के बारे में सोचें। बेसहारा, बेजुबान जानवरों को हमारी सहायता की आवश्यकता है। हमारा एक कदम बेसहारा, बेजुबान जानवरों की जान बचा सकता है। इन बेसहारा, बेजुबान पक्षियों के लिए दाना व पानी उपलब्ध करवाना चाहिए ताकि वे अपनी भूख, प्यास को मिटा सके।

इस संस्था द्वारा पक्षियों के उत्थान के लिए जगह-जगह पर परिंदे लगाए गए हैं, जिनमें पक्षियों के खाने पीने की व्यवस्था की गई है।

Tree Plantation (पौधा रोपण)

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वृक्षारोपण द्वारा धरती को हरा भरा बनाया जा सकता है। पेड़ धरती के लिए फेफड़ों का काम करते हैं। पर्यावरण को स्वच्छ और हरित रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधे लगाकर उनकी संभाल करनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए प्रकृति को बचाया जा सके। इस संस्था के प्रमुख संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि आप कोई भी खुशी मनाते हैं जैसे- अपना जन्मदिन, अपने बेटे का जन्मदिन, अपनी वेडिंग एनिवर्सरी या अपने मां-बाप के लिए कोई खुशी का पल, तो आप एक पेड़ लगाकर उस खुशी की शुरुआत करें। यकीनन वह आपके आने वाली पीढ़ियों के लिए खुशियां लेकर आएगा।

हमारे सभी धर्मों में लिखा है वातावरण अगर स्वस्थ होगा तो भगवान की याद आएगी, वातावरण दूषित होगा तो इंसान का दिल और दिमाग भी दूषित हो जाता है।

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इस संस्था द्वारा प्रत्येक वर्ष लाखों पौधे लगाए जाते हैं व उनकी सार संभाल छोटे बच्चों की तरह की जाती है। आपको बता दें इस संस्था ने अपने इन मानवता भलाई कार्यो के लिए कई वा कीर्तिमान स्थापित किए हैं, इनमें से 3 विश्व कीर्तिमान इस संस्था को पौधारोपण के क्षेत्र में मिले है।

Cleanliness Campaign (स्वच्छता अभियान)

साफ सफाई हमारे जीवन का महत्वपूर्ण पहलू है। इस संस्था के प्रमुख द्वारा वातावरण को स्वच्छ बनाने के लिए सफाई अभियान की शुरुआत 21 सितंबर 2011 में की गई। इस अभियान को पूज्य गुरु जी ने हो पृथ्वी साफ, मिटे रोग अभिशाप का नारा दिया। इस संस्था द्वारा अब तक 33 सफाई महाअभियान किए जा चुके हैं। इस अभियान में भारत के ही नहीं विदेशों के लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इस अभियान में शौचालयों का निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, गलियों व सड़कों की सफाई करना आदि शामिल है। इस अभियान का उद्देश्य है कि देश का हर कोना साफ-सुथरा हो और लोगों को बाहर खुले में शौच करने से रोका जाए।

देश को स्वच्छ और साफ सुथरा रखने के लिए हमें आज ही अपने घर से शुरुआत करनी होगी। जब तक लोग खुद जागरूक नहीं होंगे तब तक हमारे देश में साफ- सफाई का होना नामुमकिन है। यदि हम इस कार्य में हर हफ्ते 2 घंटे का समय भी लगाएं तो यह स्वच्छ भारत की कल्पना साकार हो सकती है।

Welfare Works से समाज को फायदा:

आपको बता दें इस संस्था द्वारा 134 मानवता भलाई के कार्य किए जाते हैं, जो हमारे समाज के लिए बेहद फायदेमंद है। कोई भूखे पेट ना सोए इसके लिए Food Bank बनाए गए हैं। किसी को रक्त की कमी से अपनी जान ना गवानी पड़े, इसके लिए समय-समय पर रक्तदान शिविर लगाए जाते हैं। इसके अलावा और भी बहुत से सामाजिक कार्य किए जाते हैं। अंतः इन welfare works से हमारे समाज को बहुत लाभ है।

दूसरों की जान बचाने के लिए महामारी के समय आगे आए इस संस्था के बहादुर

हमारे समाज में, रक्तदान की कमी शुरू से रही है। लोग आवश्यकता पड़ने पर अपने परिवार को भी रक्त देने से मना कर देते हैं। रक्त की मांग को पूरा करना, अस्पतालों के लिए एक चुनौती रहती है।

कोरोना महामारी के चलते व लॉकडाउन के समय रक्तदाताओं की भारी कमी हुई। जहां लोग अपने घरों से बाहर निकलने में भी संकोच करते रहे।

वहीं कुछ लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने मुश्किल हालातों में भी हजारों यूनिट रक्तदान किया और स्वयं की जान को जोखिम में डालकर कई लोगों को बचाकर उनकी मदद की। इस संस्था ने रक्त की आवश्यकता को पूरा करने के लिए रक्तदान शिविरों का भी आयोजन किया। इस संस्था के बहादुरों ने सरकार द्वारा जारी किए सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए हजारों यूनिट रक्तदान किया। इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों को राशन वितरित किया और बहुत सी जगहों को सेनेटाइज़ भी किया।

इंसानियत के नाम ये संस्था कौन सी है?

आपको बता दें, सिरसा जिले में स्थित डेरा सच्चा सौदा एक महान संस्था है। जिसकी स्थापना 29 अप्रेल 1948 को हुई थी। जहां इन्सानियत का पाठ पढ़ाया जाता है। सभी धर्मों का सत्कार करना सिखाया जाता हैं व प्रभु के नाम से जोड़ा जाता है। यहा भक्ति का का मार्ग बताया जाता है और एक दूसरे के सुख-दुःख का साथी बनने की प्रेरणा दी जाती है। यहीं वह संस्था है, जो परहित परमार्थ के काम करती है। डेरा सच्चा सौदा संस्था का एकमात्र उद्देश्य इंसानियत की सेवा करना है।

इसके पीछे प्रेरणास्त्रोत कौन है?

मानवत की सेवा करने का यह जुनून इन करोड़ो लोगों में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने भरा है। पूज्य गुरु जी ने इन करोड़ों लोगों को सिखाया है कि मानवता की सेवा करना हमारा सर्वोच्च धर्म है। यह शांति प्राप्त करने का एकमात्र तरीका हैं।

ऐसे पूज्य गुरु जी को हमारा सलाम जिन्होंने करोड़ो लोगों में मानवता की सेवा के लिए ऐसा जुनून पैदा किया।

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