लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देकर, देश व समाज को समृद्ध बनाएं

आज हमारा समाज, देश वास्तव में उन्नति व तरक्की के नए-नए आयामों को छू रहा हैै। इसके साथ-साथ हमारा पहनावा, हमारी सोच सब समय के साँचे में ढल रहे हैं, जो कि बहुत ही अच्छी बात है। परन्तु कुछ चीजें समय अनुसार बदल तो रही हैं लेकिन बहुत ही धीमी गति से बदल रही हैं। वो है हमारी अपनी व देश की सभी बेटियों का भविष्य, उनकी शिक्षा, उनका जीवन।

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आज जहाँ हमारे ही देश की कल्पना चावला जैसी कई बेटियां पढ़-लिख कर अपना और अपने माता-पिता का नाम रोशन कर चुकी हैं, वहीं दूसरी तरफ हमारी कई बेटियां चाहकर भी अपना भविष्य उज्जवल नहीं कर पा रही हैं। कई मां-बाप अपनी लड़कियों की शादी समय से पहले ही कर देते हैं या कई अन्य कारणों की वजहों से हमारी बेटियां शिक्षा से वंचित रह जाती हैं।

Everyone’s right to get education-

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शिक्षा प्राप्त करना सभी का मानव अधिकार है, फिर चाहे वह लड़का हो या लड़की। अगर हमारे देश के दोनों वर्ग शिक्षित होंगे, तो यह हमारे समाज के उज्जवल भविष्य की ओर एक सराहनीय कदम होगा। हमारे समाज में लड़कियों को लड़कों के मुकाबले कम माना जाता है। उन्हें शिक्षा से दूर रखा जाता है। हमारे देश में शिक्षक लड़कों की संख्या लगभग 80.9% है, वहीं दूसरी ओर 64.6% लड़कियां ही शिक्षा ग्रहण कर पाती हैं। बहुत सी लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखा जाता है, तो कुछ को न्यूनतम शिक्षा दी जाती है। हमें अपने देश को समृद्ध बनाने के लिए हमें अपनी सोच को बदलना होगा व दोनों वर्गों को समान शिक्षा देने के लिए लोगों को जागरूक करना होगा।

People’s attitude towards girls-

हमारा देश भले ही 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था। लेकिन अगर देखा जाए तो हम आज भी आजाद नहीं हैं। हमारे यहां रूढ़िवादी सोच के कारण अभी भी बहुत समस्याओं से निपटना बाकी है। हमारे पुरुष प्रधान समाज में लड़कियों के प्रति लोगों का नजरिया अलग है। बहुत से लोग लड़कियों को लड़कों के मुकाबले कम मानते हैं। उनका मानना है कि लड़कियों के लिए शिक्षा ज़रूरी नहीं है। समाज में अधिकतर लोग आज भी यह मानते है कि लड़कियों की शिक्षा पैसे और धन की बर्बादी है और कुछ लोगों का यह मानना है कि पढ़-लिख कर लड़कियां हाथ से निकल जाती हैं, वहीं कुछ लोग सोचते हैं कि लड़कियों को शिक्षा नहीं बल्कि घर की चारदीवारी में रहकर घर के कामकाज में हाथ बढ़ाना चाहिए, इसी रूढ़िवादी सोच के कारण लड़कियों को पीड़ित किया जाता है, उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। हालात इस हद तक खराब हो जाते हैं कि कुछ लड़कियों को जन्म लेने से पहले ही गर्भ में मार दिया जाता है। हमारे समाज में लोग सोचते हैं कि लड़की का अंतिम निवास स्थान उसके पति का घर है। लेकिन यह विचारधारा गलत है, लड़कियों की शिक्षा समाज को बदल सकती है। हमारे देश में जब तक यह लैंगिक समानता नहीं होती तब तक हमारा देश सही मायनों में आजाद नहीं हो सकता।

Why education is important for girls?

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लड़कियों के बिना हम समाज की कल्पना तक नहीं कर सकते। क्योंकि वह आने वाली पीढ़ी की जन्मदाता हैं। हमारे समाज में लड़की अपने हर रुप, हर फर्ज को बड़ी बखूबी से निभाती है। कभी एक बेटी के रूप में, कभी बहन के रूप में, कभी पत्नी के रूप में, तो कभी एक मां के रूप में। एक लड़की दो घरों में अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाती है। ऐसे में अगर लड़कियों को उचित शिक्षा दी जाए तो वह अपने माता-पिता का ही नहीं, ससुराल-मायके का ही नहीं, बल्कि देश व समाज का नाम रोशन कर आने वाले समय को उज्ज्वल बना सकती है। विश्व की सभी महिलाएं अगर शिक्षित होंगी तो ही वे नई पीढ़ी को अच्छी शिक्षा दे पाएंगी, जिस से हमारा समाज और देश प्रगति की ओर अग्रसर हो पाएगा। शिक्षित महिलाएं घर को अच्छी तरह से चला सकेंगी। घर की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए लड़की का शिक्षित होना जरूरी है। देश के विकास में लड़कियों का बहुत बड़ा योगदान रहा है।

एक शिक्षित महिला पुरुषों के घरेलू भार को कम करती है, एक शिक्षित महिला आज देश के विभिन्न क्षेत्रों के जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, IAS, IPS, रक्षा सेवा, विज्ञान जैसे क्षेत्रों में अपना महत्वपूर्ण योगदान निभा रही हैं। शिक्षा लड़कियों को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाती है।

लड़कियों की शिक्षा में आने वाली बाधाएं-

1.Poverty-

लड़कियों के अशिक्षित होने का मुख्य कारण गरीबी है। बहुत से घरों की financial condition खराब होने के कारण लड़कियों की शिक्षा दर कम है। बहुत से लोग अपनी लड़कियों को गरीबी के कारण पढ़ा नहीं पाते हैं।

2. Gender Inequality-

लड़कियों के अशिक्षित होने का एक मुख्य कारण लैंगिक असमानता भी है़। हमारे पुरुष प्रधान समाज में बहुत से लोग लड़के और लड़कियों में भेदभाव करते हैं। लड़कियों को लड़कों की तुलना में कमजोर मानते हैं और लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखते हैं।

3. Illiteracy-

कुछ लोगों की रूढ़िवादी सोच लड़कियों की शिक्षा में बाधा बन जाती है। हमारे समाज में अधिकतर लोग अनपढ़ होने के कारण शिक्षा के महत्व को नहीं समझ पाते व लड़कियों की शिक्षा पर रुपए खर्च करने को अपने घर की बर्बादी समझते हैं और लड़कियों को शिक्षा से वंचित रख देते हैं।

4. Child Marriage-

हमारे समाज में लड़की की शादी को विशेष महत्व दिया जाता है। बहुत से लोग यह समझते हैं कि लड़की का असली घर उसका ससुराल होता है। इसलिए वे लड़की की शिक्षा पर पैसा खर्च करना फिजूल समझते हैं और छोटी उम्र में ही लड़कियों की शादी कर देते हैं और उन्हें शिक्षा से वंचित कर देते हैं।

5. Lack of facilities-

लड़कियों के अशिक्षित होने का कारण आर्थिक स्थिति तो है ही, इसके साथ ही घर से स्कूल जाने में सुरक्षा की कमी, लड़कियों के लिए शिक्षण संस्थानों में अलग शौचालय की कमी व विद्यालयों में महिला शिक्षकों की कमी आदि। इन विभिन्न कारणों से विद्यालयों में लड़कियों की दर कम है। यह लड़कियों को शिक्षा में आने वाली बाधाओं का मुख्य कारण है।

एक ऐसी संस्था जिसने लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया-

डेरा सच्चा सौदा एक ऐसी संस्था है, जिसने लड़कियों की शिक्षा में बहुत बड़ा योगदान दिया है।लड़कियों के साथ जन्म से हो रहे कठोर भेदभाव के कारण लड़कियों को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। डेरा सच्चा सौदा ने लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया है।

लड़कियों के उज्जवल भविष्य को लेकर इस संस्था द्वारा उठाए गए सराहनीय कदम-

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1. Royal Daughters-

कन्या भ्रूण हत्या रोकने व लड़कियों के साथ हो रहे भेदभाव को रोकने के उद्देश्य से डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा शाही बेटियां बसेरा का निर्माण किया गया। जिन बेटियों को लोग जन्म के बाद झाड़ियों में या कूड़े के ढेर में डाल देते हैं, उन बच्चियों को पूज्य गुरुजी ने रॉयल डॉटर्स के नाम से नवाजा है व उन्हें माता पिता की जगह अपना नाम दिया है। आज वह लड़कियां डेरा सच्चा सौदा के शिक्षण संस्थानों में उचित शिक्षा प्रदान कर देश का नाम रोशन कर रही हैं।

2. Bud Of Knowledge Initiative-

लोगों में लड़कियों की शिक्षा के प्रति जागरूकता लाना व उनकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां द्वारा डेरा सच्चा सौदा सिरसा में शिक्षण संस्थानों का निर्माण किया गया जिसमें शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल व कॉलेज शामिल हैं जहां लड़कियों को सर्वोच्च शिक्षा दी जाती है। यहां न केवल किताबी ज्ञान करवाया जाता है बल्कि बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान व रूहानियत का ज्ञान भी कराया जाता है। इन शिक्षण संस्थानों के साथ डेरा सच्चा सौदा के हजारों बच्चे अपनी शिक्षा को meditation के साथ करते हैं। जिस से पढ़ाई में उनकी एकाग्रता बढ़ती है और बच्चे परीक्षा में अच्छे अंक सफलता हासिल करते हैं। यहां से पढ़ा हुआ हर बच्चा अपने जीवन में सफलता हासिल करता है और अपने परिवार समाज व देश का नाम रोशन करता है।

Shah Satnam Ji Educational Institutions-

डेरा सच्चा सौदा में औपचारिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक के लिए विभिन्न शिक्षण संस्थान बनाए गए हैं। जहां लड़कियों के लिए भी स्कूल, कॉलेज व अन्य institutes हैं। यही नहीं डेरा में गरीब बच्चियों की मुफ्त शिक्षा का भी प्रबंध है। इन शिक्षण संस्थानों की जानकारी प्राप्त करने के लिए आप दिए गए लींक https://www.derasachasauda.org/education/ को खोलकर देख सकते हैं।

3. Self Defense training center-

लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए डेरा सच्चा सौदा द्वारा Self defence training centre खोले गए हैं, जहां लड़कियों को ताइक्वांडो, कराटे और जूडो आदि आत्मरक्षा की techniques बताई जाती हैं। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि लड़कियों को डर कर नहीं जीना चाहिए। लड़कियों को अबला नहीं सबला नारी बनकर समाज में जीना चाहिए ताकि वह हर बुराई का सामना डट कर कर सकें और देश व समाज को समृद्ध बना सकें।

Girl can also shine parent’s name-

पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं की बेटा हो या बेटी अगर दोनों को ही अच्छे संस्कार दिए जाएं तो दोनों ही माता-पिता का नाम रोशन कर सकते हैं। अगर बेटियों को उचित शिक्षा दी जाए तो वह भी देश का भविष्य सुधार सकती है। आज के समय में लड़किया भी लड़को के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं।

Source of inspiration-

लड़कियों की शिक्षा में बढ़ावा देने का सारा श्रेय संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां को जाता है, जिनकी प्रेरणा से आज करोड़ों लोग अपने घर की लड़कियों को बिना किसी भेदभाव के उचित शिक्षा दिला रहे हैं और लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने में अपना सहयोग दे रहे हैं।

Conclusion-

शिक्षा हम सभी के लिए आवश्यक है। इसलिए हम सभी को लड़कियों की शिक्षा पर जोर देना चाहिए ताकि हम अपने समाज व देश के भविष्य को उज्जवल बनाने में अपना सहयोग दे सकें।

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