रोशनी के इस त्योहार पर जीवन को रोशन करें: दिवाली 2020

भारत त्यौहारों का देश है। हमारे भारत में हर त्यौहार को बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है जैसे होली, दशहरा आदि। इनमें से एक त्यौहार जो हिंदुओं का प्रमुख त्योहार है, वह है दिवाली। इस त्यौहार का सभी को बड़ी बेसब्री से इंतजार रहता है। इस त्यौहार की तैयारी करने के लिए लोग महिनो पहले तैयारिया करनी शुरूआत कर देते हैं। इसके साथ ही हर जगह एक खुशी का माहौल होता है। लोग एक दूसरे को मिठाई व उपहार भेट करते हैं और दिवाली की शुभकामनाएं देते हैं।

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दीपावली मनाने के पीछे मान्यता:

दीपावली का अर्थ है ‘दियों की श्रृंखला’ और ये त्यौहार कार्तिक मास की अमावस्या को मनाया जाता है। प्राचीन ग्रन्थों के अनुसार इस दिन भगवान श्री राम चंद्र जी 14 वर्ष का वनवास काट कर अयोध्या वापिस पधारे थे। उनके आने की खुशी में अयोध्या नगरवासियों ने अपने-अपने घरों में घी के दिये जलाये थे व पूरा नगर दियों की रोशनी से झिलमिला उठा था। तभी से यह उत्सव हर वर्ष इस तरह धूम धाम से मनाया जाता है।

दिपको के साथ-साथ त्यौहारों की श्रृंखला

दीपावली केवल एक ही दिन नहीं मनाया जाता। इसके साथ-साथ और कई त्यौहार भी है जो दीवाली की तरह ही मनाये जाते हैं। इनमें सबसे पहले धनतेरस के त्यौहार आता है। जिसे ‘धन्वंतरि जयन्ती’ भी कहते हैं। इस दिन लोग सोना-चांदी व बर्तन आदि खरीदते हैं।

इसके बाद आता है नरकचतुर्दशी का त्यौहार जो दीपावली से ठीक एक दिन पहले मनाया जाता है। कहते हैं कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा की मदद से नरकासुर का संहार किया था व उसकी कैद से 16 हज़ार स्त्रियों को आज़ाद कराया था।

इस दिन भी लोग यम पूजा के लिए दिए जलाते हैं। इसके बाद दिवाली का त्यौहार लोग बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। दीवाली के एक दिन बाद गोवर्धन पूजा का त्यौहार मनाया जाता है। प्राचीन मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाया था। इसके पश्चात आता है भैया दूज का पर्व। जिस दिन सभी बहनें अपने भाई को तिलक कर उसकी लम्बी आयु की कामना करती हैं। तो हम कह सकते हैं कि दीपावली अपने आप में एक पर्व नही अपितु पर्वों का समूह है।

त्योहारों का वास्तविक अर्थ- अपनी खुशियां बांटना

भारत त्योहारों का देश है। हमारी भारतीय संस्कृति सुंदर व महान है। हमारे लिए यह गौरव की बात है कि हमारे पास आनंद लेने के लिए बहुत सारे त्यौहार आते रहते हैं और लगभग हर महीने हमें खुश होने का मौका मिलता है। हर त्यौहार से हमें कोई ना कोई शिक्षा मिलती है। जो हमें सच्चाई और अच्छाई के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देती है।

दिवाली एक ऐसा त्यौहार है जब पूरा देश असंख्य दीपकों के एक सुंदर दायरे में परिवर्तित हो जाता है। यह एक ऐसा दिन जिस दिन पृथ्वी के साथ-साथ आसमान भी रोशन हो जाता है। इस दिन सारे विश्व में खुशी की लहर होती है। अर्थात् दिवाली का त्यौहार देश में खुशहाली लाता है। यदि त्योहारों को अच्छे तरीके से मनाया जाए तो इनमें सद्भाव, शांति और भाईचारे को बढ़ावा देने की पूरी ताकत होती है। यह एक ऐसा त्यौहार है जिसे भारत में हर धर्म के लोग मना सकते हैं। यह त्योहार सभी के दिल को भाता है।कहते हैं खुशियां बांटने से बढ़ती है, इसलिए हमें त्यौहार के समय अपनी खुशियों को दूसरों के साथ बांटना चाहिए व जरूरतमंद लोगों के काम आना चाहिए।

एक ऐसी संस्था जो हर त्यौहार को अनोखे तरीके से मनाती है-

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नए-नए सुंदर कपड़े पहन कर, घर पर अच्छे व्यंजन बनाकर, दिए जलाकर और पटाखे चलाकर तो हर कोई अपने त्यौहार मनाता है। लेकिन आप को बता दें, डेरा सच्चा सौदा के संस्था के लाखों अनुयायी अपने त्योहारों को एक अनोखे तरीके से मनाते हैं। ये अनुयायी केवल इस त्यौहार को ही नहीं, बल्कि हर त्योहार को मानवता भलाई के कार्य करके मनाते हैं। जैसे: जरूरतमंद को खाना देना, बीमार का इलाज करवाना आदि ऐसे 134 मानवता भलाई के काम करते हैं और लोगों के साथ अपनी खुशियों को सांझा करते हैं।

आइए जानते हैं इस दिवाली को कैसे खुशनुमा बनाएं:

गरीब व जरूरतमंद की मदद करें

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अगर हम त्यौहार को सही मायनों में मनाना चाहते हैं, तो क्यों ना हम किसी जरूरतमंद गरीब की मदद करें। हम अपने आसपास देखते हैं कि कितने बच्चे बिना कपड़ों के सड़क पर घूमते हैं, कितने लोग भूख से तड़पते है। ऐसे में हमें चाहिए कि दिवाली के इस त्योहार पर दूसरों की जिंदगी में रोशनी भरे और जरूरतमंद लोगों को कपड़े व राशन दान करें ऐसा करके हम उन मासूमों की खुशी का कारण बन सकते हैं। डेरा सच्चा सौदा के लाखों अनुयायी अपने गुरु जी की पावन शिक्षा से गरीब व जरूरतमंद लोगों की हर संभव मदद करते हैं।

बीमार का इलाज करवाएं

अगर कोई गरीब व जरूरतमंद दर्द के कारण तड़प रहा है, तो उसका इलाज करवाकर हम सही मायनो में त्योहार को मना सकते हैं। ऐसा करने से उस बीमार इंसान का दर्द भी कम होगा व उसके दिल से सच्ची दुआ निकलेगी, यकीन मानिए ऐसा करने से आपके मन को असीम खुशी मिलेगी। डेरा सच्चा सौदा के लाखों अनुयायी अपने गुरु जी की प्रेरणा से बीमारी से तड़पते लोगों का इलाज करवाते है और इंसानियत का फर्ज निभाते है।

Promote Indian Products & Boycott Chinese Product

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इस दिवाली स्वदेशी (Made In India) सामान को बढ़ावा दे। चाइनीज़ समान का बहिष्कार करें। अगर हम विद्युत उपकरण खरीदने की बजाय मिट्टी के दिए खरीदे, तो इस से हम उन जरूरतमंद लोगों के भी काम आ सकते हैं। दूसरा हम विद्युत को बचा सकते हैं और दिए जलाकर अपने वातावरण को दूषित होने से बना सकते हैं। डेरा सच्चा सौदा के लाखों अनुयायीयो ने पूज्य गुरु जी की इस बात पर अमल करते हुए चाइनीज़ सामाना का बहिष्कार कर स्वदेशी सामान प्रयोग करने का प्रण लिया। डेरा सच्चा सौदा ने मिट्टी के अधिक दिए जलाने पर एक विश्व कीर्तिमान भी स्थापित किया है।

बच्चों को मिठाई व खिलौने दे

इस दिवाली हम गरीब व जरूरतमंद बच्चों को मिठाई व खिलौने देकर उनके चेहरो पर मुस्कुराहट लाने का कारण बन सकते हैं। इसके साथ ही सर्दी का मौसम आ रहा है, बच्चों को सर्दी ना लगे इसके लिए बच्चों को जूते व कपड़े दान कर सकते हैं। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी केवल दिवाली पर ही नहीं बल्कि हर दिन, हर त्यौहार पर जरुर को जूते, कपड़े व खिलौने आदी जरुरत का समान दान करते हैं।

Blood Donation

इस दिवाली के त्योहार को हम रक्तदान करके मना सकते हैं। जिससे अगर किसी जरूरतमंद को रक्त की जरूरत हो तो उसे रक्त मिल सके और रोशनी के इस त्योहार पर उस जरूरतमंद का जीवन भी रोशन हो सके। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी हर त्यौहार को पौधारोपण व रक्तदान करके मनाते हैं व इन्सानियत का फर्ज निभाते है।

Three Ways to Brighten up your life this Diwali

1.अच्छे गुण अपनाए

हमें दिवाली के इस त्योहार पर अच्छे गुण अपनाने का प्रण लेना चाहिए और अपनी बुराइयों का त्याग करना चाहिए। पूज्य गुरु जी कहते हैं, जो इंसान अपने अंदर देखता वह चला जाता है और जो दूसरों के अंदर देखता है। वह उसके अंदर आ जाता है। इसलिए हमें हमेशा दूसरों के गुण देखने चाहिए जो हमारे अंदर आ जाए और अपनी बुराइयां देखनी चाहिए जो हमारे अंदर से बाहर चली जाए।

2. बुरी आदते छोड़ने का प्रण ले

हमें इस त्यौहार पर अपने अंदर की तमाम बुराईया छोड़ने का प्रण लेना चाहिए। क्योंकि हर त्यौहार के हमें यही शिक्षा मिलती है कि सदैव बुराई पर अच्छा की जीत होती हैं। पूज्य गुरु जी भी फरमाते हैं की अगर हम भगवान को उपहार देना चाहते हैं। तो त्योहार के महिने में प्रतिदिन एक बुराई छोड़ने का प्रण ले। यह भगवान के लिए सब से अनमोल उपहार होगा।

3. ईश्वर की भक्ति करे

हमें त्योहार के दिन ज्यादा से ज्यादा ईश्वर की भक्ति करनी चाहिए। वह निरंतर करने का प्रण लेना चाहिए। जैसे-जैसे हम भक्ति करेंगे तो हमारे अंदर की बुराइयां दूर होंगी। हमें अच्छे-बुरे की समझ आएगी और जब इंसान के अंदर से बुराइयां चली जाती हैं तो उसकी अंतर आत्मा साफ जाती है। जिस से भक्ति में ध्यान लगने लगता है और उसे भगवान की प्राप्ति आसानी से हो जाती हैं।

प्यारे सतगुरु की प्यार भरी शिक्षा

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां फरमाते हैं कि हमें त्योहार को त्योहार की तरह मनाना चाहिए। इस दिन हमें राम वाली प्रवृत्ति को अपनाने का प्रण लेना चाहिए व अपने अंदर पनप रही राक्षस प्रवृत्ति का त्याग करना चाहिए। पुज्य गुरु जी सिखाते हैं कि त्यौहार निःस्वार्थ भाव से सेवा करके सभी के साथ खुशिया बाँटने का एक तरिका है।

Conclusion-

अपने आप दोनों को छोड़कर गुणों को अपनाएं। इस दीवाली अपनी सभी बुराइयों को जला डाले। जो लोग दिवाली नहीं मना सकते, आइए इस दिवाली उनकी मदद करने का प्रण ले। उन्हें कपड़े व मिठाई देकर त्यौहार पर खुशिया दे व अपनी ख़ुशीयों को कई गुणा करें।

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