रक्तदान कीजिए, आपका एक बार किया गया खूनदान दें सकता है तीन लोगों को जीवनदान

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रक्तदान है महादान, इससे बड़ा दान कोई दूसरा नहीं हो सकता है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान कई जिंदगियों को बचा सकता हैं। इस बात का अच्छे तरीके से हमें अहसास तब होता है, जब हमारा कोई अपना खून के लिए जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहता है। उस वक्त हमारी रातों की नींद तक उड़ जाती है और हम कैसे भी कर के खून का बंदोबस्त करते हैं।

क्योंकि रक्त को बनाया नहीं जा सकती, सिर्फ दान किया जा सकता है, हालांकि वैज्ञानिकों ने इसके लिए क़ाफी प्रयास भी किए लेकिन कोई भी सफल न हुआ।

Donate blood Save lives-

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अनायास दुर्घटना या बीमारी का शिकार हम में से कोई भी हो सकता है। अगर हम खूनदान कर के किसी की जान बचा सकते है तो क्यों नहीं हम रक्तदान के पुनीत कार्य में अपना सहयोग प्रदान करें और लोगों को जीवनदान दें। आज ऐसे करोड़ो लोग है भी जो खूनदान देने के लिए हर पल तैयार रहते हैं जो अपने जीवन का सही उपयोग करके लोगों की जिंदगियों को बचाने में लगे रहते है। वह है डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी, जो अपने गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम जी की प्रेरणा से हर जगह हर मानवता भलाई के काम में आगे रहते हैं।

भारत में रक्त की जरूरत-

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भारत में हर वर्ष लगभग 30 से 35%‌‌‍ रक्त की कमी का सामना करना पड़ता है। देश को प्रत्येक वर्ष 8 से 10 मिलियन यूनिट रक्त की जरूरत होती है। लेकिन मुश्किल से 5.5 मिलियन यूनिट का ही प्रबंध हो पाता है, जो कि हमारे लिए बेहद दुख की बात हैं।

आपको पता है हमारे देश में रक्त की कमी किस वजह से है, भारत में रक्त की कमी काफी हद तक गलत सोच और धारणाओं के कारण है। आइये जानते है लोगों द्वारा मानी जाने वाली इन भ्रान्तियों के बारे में!

Myths and facts about blood donation

Myth — रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आ जाती हैं।

Fact — ये धारणा बिल्कुल गलत हैं। लोग सोचते है हमारा रक्त देने से रक्त कम अर्थात् कमजोरी आ जाएगी। लेकिन ये बिल्कुल भी सच्च नहीं हैं। सच्च तो यह है कि हमारे शरीर मे रक्तदान के एक या दो दिन बाद ही रक्त की भरपाई हो जाती हैं। इसके अलावा रेड ब्लड शेल्स का पुनः निर्माण के बाद 3 महीनें बाद हम दोबारा से रक्त दान कर सकते हैं। इस धारणा को पूज्य गुरु संत डॉ गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने करोड़ो को के दिमाग से दूर किया। आज पूज्य गुरु जी की पावन प्रेरणा से डेरा सच्चा सौदा के लाखों अनुयायी बिना किसी धारणा के रक्तदान करते हैं।

Myth — रक्तदान के बाद एक पूरे दिन बेड रेस्ट करना चाहिए।

Fact — यह धारणा भी बिल्कुल गलत हैं। रक्तदान के पश्चात आप अपने सभी कार्य दिनचर्या वाले हिसाब से ही कर सकते है। लेकिन हां, इसके साथ कुछ बातों का ध्यान रखना अति आवश्यक है। जैसे — रक्तदान के पश्चात हमे 24 घण्टे में 10–11 गिलास पानी/जूस पीना चाहिए। धूप में निकलने से बचना चाहिए। आधे से एक घंटे तक वाहन चलाने से बचना चाहिए। इसी तरह 4 घंटे तक धूम्रपान नहीं करना चाहिए और 12 घंटे तक अल्कोहल नहीं लेना चाहिए। पूज्य गुरु जी सत्संगो के माध्यम से लाखों लिए को जागरूक किया और तमाम तरह की भ्रांतियो को दूर कर रक्तदान के महत्व के बारे में बताया।

Myth — रक्तदान करते समय अत्यधिक दर्द को सहन करना पड़ता हैं।

Fact — यह धारणा भी गलत हैं। जब हम रक्तदान करते है तब हल्का सा दर्द जरूर होता हैं।रक्तदाता को हल्की सी चुटकी काटने जैसा अनुभव होता है, जब नीडल हाथों में डाली जाती है।

Myth — हॉस्पिटल में बार-बार जाकर रक्तदान करने से इंफेक्शन का खतरा रहता है।

Fact — रक्तदान की वजह से किसी प्रकार का इंफेक्शन नहीं होता।

खूनदान करने से पहले कुछ शर्तें, जिन पर खरा उतरना जरूरी है-

1. रक्तदान करने के लिए आपकी उम्र 18 से 65 वर्ष के बीच में होनी चाहिए। इसके अलावा आपका न्यूनतम वजन 45 किलो और शरीर का तापमान नॉर्मल होना चाहिए।

2. खून में हीमोग्लोबिन की कम मात्रा होने पर रक्तदान करने से बीमार पड़ सकते हैं। इसलिए खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा सही होनी चाहिए।

3. HIV/AIDS, हेपेटाइटिस B/C, सिफलिस या ऐसी कोई भी बीमारी जो खून से ज़रिए दूसरे में फ़ैल सकती है। ऐसी बीमारी के शिकार लोगों को ब्लड डोनेट नहीं करना चाहिए। अगर आपने अभी टैटू बनवाया है तो टैटू बनने के एक साल बाद ही रक्तदान कर सकते हैं।

4. रक्तदान हमेशा 3 महीनें के अंतराल पर ही करना चाहिए।

5. रक्तदान करने के 24 घण्टे बाद तक हेवी एक्सरसाइज न करें।

6. एल्कोहल के सेवन से दूर रहें।

Benefits of Blood Donation-

1. Increase Iron Level-

शरीर में Iron की अधिकता को कम करने के लिए blood donate करना अच्छा होता है।Hemochromatosis एक ऐसा बीमारी है, जो शरीर में Iron की अधिकता से होती है। Blood donate करने से यह बीमारी दूर हो जाती है और iron level नियंत्रित रहता है।

2. Increase blood cells creation in our body -

रक्तदान के बाद शरीर खून को पूरा करने के काम में लग जाता है। इससे शरीर की कोशिकाएं ज्यादा लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए प्रेरित होती हैं। जो आपकी सेहत को सुधार सकता है और शरीर को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है।

3. Reduce the risk of heart attack-

रक्तदान का सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि इस से हार्ट अटैक कि संभावनाएं कम होती हैं। क्योंकि रक्तदान से खून का थक्का नहीं जमता, इससे खून कुछ मात्रा में पतला हो जाता है और हार्ट अटैक का खतरा टल जाता है।

4. Energised body -

रक्तदान करने से शरीर में एनर्जी आती है। क्योंकि रक्तदान के बाद नए ब्लड सेल्स बनते हैं, जिससे शरीर को तंदरूस्ती मिलती है।

5. Reduce the risk of cancer-

आइरन की मात्रा को बैलेंस करने से लिवर हेल्दी बनता है और कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है।

6. Better Health -

नियमित रूप से रक्तदान शरीर की कोशिकाओं को प्रोत्साहित करता है। जिससे शरीर की फिटनेस सुधरती है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। साथ ही रक्तदान के जरिये एक अच्छा काम करने की सोच, संतुष्टि भी देती है। खूनदान करने से लिवर से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलती हैl

7. You can give life to someone by blood donation-

रक्तदान के बहुत फायदे है, परंतु सबसे अच्छा यह है कि हम किसी की जिंदगी बचा रहे हैं। जरूरत के समय किसी की मदद करके आप एक अच्छा काम कर रहे हो और ऐसा करके आपको खुशी मिलती है।

Contribution of Dera Sacha Sauda in blood donation:

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हमारे भारत में विभिन्न संस्थाओ द्वारा समय-समय पर रक्तदान शिविरो का आयोजन किया जाता है। इनमें से एक विश्व प्रसिद्ध संस्था सिरसा जिले में स्थित डेरा सच्चा सौदा है। जो रक्तदान के लिए 24×7 घंटे तैयार रहती हैं।डेरा सच्चा सौदा में हर महीने रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है। जिसमें हजारों की तादाद में लोग अपना योगदान देते हैं और स्वेच्छा से रक्तदान करते हैं।

“खून की कमी के कारण ना जाए किसी की जान,

इसी मकसद से डेरा सच्चा सौदा के सेवादार करते हैं नियमित खूनदान”

True Blood Pump-

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डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी मानवता भलाई के कार्यो में हमेशा अग्रणी रहते है। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी पूज्य गुरु जी की पावन प्रेरणा से हर 3 महीने बाद नियमित तौर पर रक्तदान करते हैं। इसके लिए इन अनुयायीयो को पूज्य गुरु संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने True Blood Pump’ के नाम से जाना जाता हैं। यह नाम इनको इसलिए दिया गया क्योंकि यह चलते-फिरते ब्लड पम्प हैं। ये अनुयायी मौसम, दिन व रात की परवाह किए बिना जहां पर रक्त की जरूरत होती है वही पहुंच जाते हैं। ये डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी हर जगह, हर समय मीलो का सफर तय कर रक्त देने के लिए मौजूद हो जाते हैं। चाहे कितनी भी दूर खून की जरूरत पड़े ये अपने कीमती समय मे से समय निकाल कर पहुँच जाते हैं। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों में इसी जज़्बे को देखते हुए ही पूज्य गुरु जी ने इन्हें “True Blood Pump” के नाम से नवाजा गया हैं।

Bapu Maghar Singh Ji International Blood Bank-

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यह ब्लड बैंक डेरा सच्चा सौदा के शाह सतनाम स्पेशेलटी हॉस्पीटल में स्थित है। आज के समय में यह ब्लड बैंक जरूरमंद लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस ब्लड बैंक से सेना के जवानों, थैलेसीमिया के मरिजो व जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क रक्तदान मुहैया कराया जाता है। इस ब्लड बैंक में डेरा सच्चा सौदा के लाखों अनुयायी अपनी इच्छा से रक्तदान करते हैं व लाखों ज़िन्दगीया बचाने में अपना योगदान देते हैं। आपको बता दें रक्तदान के क्षेत्र में डेरा सच्चा सौदा कई विश्व कीर्तिमान स्थापित कर चुका है।

India based organization who set various records in blood donation-

आपको बता दें डेरा सच्चा सौदा एक विश्व प्रसिद्ध संस्था है जो मानवता भलाई के 134 कार्य करती है। यह संस्था अपने कार्यो के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी प्रसिद्ध है। डेरा सच्चा सौदा अब तक मानवता भलाई के कार्यो में विभिन्न कीर्तिमान स्थापित कर चुका है। इन सभी विश्व कीर्तिमानों की जानकारी प्राप्त करने के लिए आप इस लिंक

https://www.derasachasauda.org/welfare-world-records/ को खोल कर देख सकते हैं। इनमें से कुछ कीर्तिमान इस संस्था ने रक्तदान के क्षेत्र में प्राप्त किए हैं, जो इस प्रकार है।

Guinness World Records:- 3

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1. Guinness World Record- (7 Dec. 2003) 15,432 units

2. Guinness World Record- (10 Oct. 2004) 17,921 units

3. Guinness World Record- (8 Aug. 2010) 43,732 units

Asia Book of Records

1. Asia Book of records- (8 Aug. 2010) 43,732 units

Limca Book Of Records

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1. Limca Book Records- (10 Oct. 2004) 17,921 units

Donated thousands of units of blood to fulfill the requirement of blood banks nationwide in the time of pandemic-

महामारी के समय में किया जा रहा है हजारों यूनिट रक्तदान -

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जब कोरोना महामारी में लॉकडाउन के समय लोग अपने घरों से बाहर निकलने में संकोच करते थे। उस समय सभी ब्लड बैंको में रक्त की कमी हो रही थी। तब डेरा सच्चा सौदा के लाखों अनुयायीयो ने अपनी जान की परवाह किए बिना हजरो युनिट रक्तदान कर रक्त की आवश्यकता को पूरा करने में अपना अहम योगदान दिया। इन अनुयायियों लिए रक्त दान करने के लिए किसी कैम्प का लगना ही आवश्यक नहीं होता, बल्कि ये हर जगह, हर हॉस्पिटल में, कहीं भी जाकर लोगों की जान बचाने के लिए तैयार रहते हैं। इसलिए इन्होंने महामारी के समय में भी प्रधानमंत्री द्वारा बताई गई गाइडलाइंस को फॉलो करते हुए अपनी इंसानियत की सेवा पूरी लगन से की हैं, वाकई डेरा अनुयायियों जैसा मानवता भलाई के कार्यों का जज्बा कहीं मुश्किल ही देखने को मिलता हैं।

प्रेरणास्त्रोत-

रक्तदान करने व जरूरतमंद की मदद करने का जज्बा लाखों लोगों में भरने वाले डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां है। जिनकी प्रेरणा से आज डेरा सच्चा सौदा के लाखों अनुयायी नियमित तौर पर रक्तदान कर है और लाखों लोगों की जिंदगी बचाने में भी योगदान दे रहे हैं।

निष्कर्ष-

हम सभी को रक्त की जरूरत को पूरा करने के लिए नियमित तौर पर रक्तदान करना चाहिए व किसी की अनमोल जिंदगी बचाने में अपना योगदान देना चाहिए। क्योंकि हमारे द्वारा उठाया गया एक कदम किसी के जीवन को बचा सकता है।

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